Friday, 10 October 2014

Tobe ekla cholo re,



Jodi tor dak shune keu na ashe tobe ekla cholo re, commonly known as Ekla Chalo Re, is a Bengali patriotic song written by Rabindranath Tagore in 1905.

The song exhorts the listener to continue his or her journey, despite abandonment or lack of support from others. The song is often quoted in the context of political or social change movements. 

Just heard the rendering by Amitabh Bachhan ....awesome !!!

Sharing the translation of the poem for those interested..
तेरी आवाज़ पे कोई ना आये तो फिर चल अकेला रे
फिर चल अकेला चल अकेला चल अकेला चल अकेला रे

यदि कोई भी ना बोले  ओ अभागे कोई भी ना बोले
यदि सभी मुख मोड़ रहे सब डरा करे
तब डरे बिना ओ तू मुक्तकंठ अपनी बात बोल अकेला रे
ओ तू मुक्तकंठ अपनी बात बोल अकेला रे

तेरी आवाज़ पे कोई ना आये तो फिर चल अकेला रे

यदि लौट सब चले ओ अभागे लौट सब चले
यदि रात गहरी चलती कोई गौर ना करे
तब पथ के कांटे ओ तू लहू लोहित चरण तल चल अकेला रे

तेरी आवाज़ पे कोई ना आये तो फिर चल अकेला रे

यदि दिया ना जले ओ अभागे दिया ना जले
यदि बदरी आंधी रात में द्वार बंद सब करे
तब वज्र शिखा से तू ह्रदय पंजर जला और जल अकेला रे
ओ तू हृदय पंजर चला और जल अकेला रे

ओ तू चल अकेला चल अकेला चल अकेला चल अकेला रे

1 comment:

  1. wow.....what a beautiful song. Thanks for the hindi version. Had heard it first in Kahaani and since then have enjoyed the song whenever played. Now got the meaning too. Beautiful.

    ReplyDelete

Note: only a member of this blog may post a comment.